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Monday, June 19, 2023

Yoga Day Logo 2023 : Yoga for Vasudhaiva Kutumbakam

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Thursday, November 17, 2022

Awakening from Dream of that seems Reality

 If someone awakes from a dream, the dream ends. Our mind is constantly in state of dream while one isn't asleep. It dreams about either things in past or dreams about things that will happen in future. But, when mind doesn't dreams about past or future and is present then the true self shines. Then there is no mind, because mind is work of Maya to make you always dream about past and future that in reality doesn't exist. What exists is always is present and minds always distracts one from present. Looking subtly at mind you will find...

Sunday, May 27, 2012

भाग्योदय हेतु श्रीमहा-लक्ष्मी-साधना

भाग्योदय हेतु श्रीमहा-लक्ष्मी-साधना भाग्योदय हेतु श्रीमहा-लक्ष्मी-साधनाभाग्योदय हेतु श्रीमहा-लक्ष्मी की तीन मास की सरल, व्यय रहित साधना है। यह साधना कभी भी ब्राह्म मुहूर्त्त पर प्रारम्भ की जा सकती है। 'दीपावली' जैसे महा्पर्व पर यदि यह प्रारम्भ की जाए, तो अति उत्तम।'साधना' हेतु सर्व-प्रथम स्नान आदि के बाद यथा-शक्ति (कम-से-कम १०८ बार) "ॐ ह्रीं...

Friday, May 18, 2012

महासिद्ध गुरू मत्स्येन्द्रनाथ चालीसा

Guru Matsyendranath Chalisa गणपति गिरजा पुत्र को सुवरु बारम्बार । हाथ जोड़ विन ती करु शारदा नाम आधार ॥ 'सत्य श्री आकाम ॐ नमः आदेश । माता पिता कुलगुरू देवता सत्संग को आदेश ॥ आकाश चन्द्र सूरज पावन पाणी को आदेश । नव नाथ चौरासी सिद्ध अनन्त कोटी सिद्धो को आदेश ॥ सकल लोक के सर्व सन्तो को सत-सत आदेश ॥ सतगुरू मछेन्द्रनाथ को ह्रदय पुष्प अर्पित...

Sunday, October 30, 2011

श्री हनुमानजी का आकर्षण मंत्र

श्री हनुमानजी का आकर्षण मंत्र "ॐ नमो आदेश गुरु को। हनुमान का ध्यान जाने। सारे राम-चन्द्र के काज। भूत को वश करे। वादी को मारे। धारे तेल और सिन्दूर, जासे भागे बैरी दूर। सत्य वीर हनुमान, बरस बारह का जवान। हाथ में लड्डू, मुख में पान। हनुमान गुणवन्ता, गजवन्ता धारे तार। गद्दी बैठे, राज करन्ता। अञ्जनी की दुहाई। पवन-पिता की दुहाई। सीता-सती की दुहाई।...

Saturday, July 23, 2011

बजरंग बाण

बजरंग बाण भौतिक मनोकामनाओं की पुर्ति के लिये बजरंग बाण का अमोघ विलक्षण प्रयोग अपने इष्ट कार्य की सिद्धि के लिए मंगल अथवा शनिवार का दिन चुन लें। हनुमानजी का एक चित्र या मूर्ति जप करते समय सामने रख लें। ऊनी अथवा कुशासन बैठने के लिए प्रयोग करें। अनुष्ठान के लिये शुद्ध स्थान तथा शान्त वातावरण आवश्यक है। घर में यदि यह सुलभ न हो तो कहीं एकान्त स्थान...

Tuesday, July 19, 2011

shree sukta

shree suk...

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